January 18, 2019
Breaking News

Sign in

Sign up

  • Home
  • News
  • Photo
  • मरते दम तक आजीवन कारावास

मरते दम तक आजीवन कारावास

By on June 22, 2018 0 63 Views
आजीवन कारावास के साथ मरते दम तक लगाने की मुख्य वजह ऐसे आरोपियों को सबक देना है जों मानवता को तार-तार कर अपराध का अंजाम देते हैं टोंक में विषिष्ठ न्यायालय एससी-एसटी (अ.नि.) प्रकरण मंे विषिष्ठ न्यायाधीष भंवर भदाला ने शुक्रवार को मंदबुद्धी एवं मुकबधीर नाबालिक बालिका से दुष्कर्म करने के आरोपी श्योजी मीणा को कठोर सजा सुनाते हुए जेल में मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वही एक किसान की पीट-पीटकर हत्या करने वाले आरोपियों को भी न्यायाधीष ने मरते दम तक आजीवन कारावास व 15-15 हजार के अर्थदंड़ की सजा सुनाई।

टोंक जिले में घाड थानाक्षेत्र की छह वर्षीय मंदबूद्धी और मूकबधीर बालिका से दुष्कर्म मामलें को गंभीरता से लेते हुए विषिष्ठ न्यायाधीष भंवर भदाला ने आरोपी श्योजी उर्फ शोजी मीणा को मरते दम तक आजीवन कारावास व पांच हजार के अर्थ दंड की सजा सुनाई। मामला 16 मार्च 2016 का हैं जहां धुंआकला निवासी श्योजीमीणा ने बालिका को ककडी खिलाने के बहाने बाड़े में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया, बालिका के पिता की ओर घांड़ थाने में मामला दर्ज करवाने के बाद पुलिस जांच में आरोपी का नाम सामने आने आया। जिसके बाद दो साल तक चले मुकदमें में आज फैसला नाबालिक के पक्ष में आया और दुर्दांत अपराध के लिए आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम व धारा 376 के तहत मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई। पीडित पक्ष की ओर से मामलें में 19 गवाह, 29 दस्तावेज न्यायालय में पैष किए गए। विदित रहे संभवताया वह पहला मामला है जिसमें आजीवन कारावास की सजा में आरोपी को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई है।
वही एक अन्य मामलें में देवली के हिसामपुरा निवासी किसान रामावतार बलाई की पीट-पीटकर हत्या करने वाले छह आरोपियों को भी विषिष्ठ न्यायालय एससी-एसटी (अ.नि.) प्रकरण न्यायाधीष भंवर भदाला ने आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए उन्हे मरते दम जेल में रहने की कठोर सजा सुनाई साथ ही आरोपियों को 15-15 हजार की अर्थदंड से दंडित किया गया है। विषिष्ठ न्यायालय एससी-एसटी (अ.नि.) प्रकरण के लोक अभियोजक देवीप्रसाद तिवारी ने बताया कि देवली थानाक्षेत्र में 29 फरवरी 2012 में हिसामपुर में इंजन में तेज डालकर लौट रहे रामावतार बलाई को गांव के ही सांवरा गुर्जर, धनराज, सुगना, षिवचरण, रामकुंवार एवं मेवा लाल ने पुरानी रंजिष के चलते उसे घेरकर उसकी साथ मारपीट की जिससें बासटा गांव के पास उसकी मौत हो गई। जिसमें 6 साल से ज्यादा समय तक चले इस मुकदमें न्यायाधीष ने आज सभी आरोपियों को मरते दम तक आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाने के साथ ही 15-15 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है। इसमें अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पैष किए गए थे।
Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!