December 11, 2018
Breaking News

Sign in

Sign up

  • Home
  • News
  • Photo
  • हार्ट से सम्बन्धित बीमारियों से भारत में 26 प्रतिशत मौतें

हार्ट से सम्बन्धित बीमारियों से भारत में 26 प्रतिशत मौतें

By on October 9, 2018 0 26 Views

हर साल 25 लाख मौत हार्ट डिजीज से, भारत में हर वर्ष इससे 26 प्रतिशत मौतें हो रही है।

कम उम्र के युवाओं को भी घेर रही यह बीमारी, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, दिल का दौरा सबसे ज्यादा

जयपुर. दिल को कैसे जवां रखा जाए, किस तरह उसे बीमारियों से दूर रखा जा सकता है और मौजूदा हालात में किस तरह दिल की बीमारियां हो रही हैं और डॉक्टर्स के पास कब जाएं.. राजस्थान के कार्डियोलॉजिस्ट ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को जागरुक किया। डॉक्टर्स के मुताबिक, यूं तो भारत में हार्ट डिजीज से हो रही मौतों का कोई आंकड़ा नहीं है, लेकिन दुनिया में 25 लाख लोगों की मौत का कारण हार्ट डिजीज है। नारायणा हॉस्पिटल के डॉ. राहुल शर्मा और डॉ. अंकित माथुर ने बताया कि वर्ष 2030 तक यह आंकड़ा तीन करोड़ तक हो जाएगा। वहीं अकेले भारत में 26 प्रतिशत मौत हार्ट डिजीज से हो रही हैं। गौरतलब है कि आज के इस टेक्निकल युग में हार्ट से सम्बन्धित बीमारी युवाओ को भी घेर रही है। ताज्जुब की बात यह कि 18 साल तक की उम्र के युवाओं को हार्ट डिजीज हो रही हैं। इनमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज (दिल का दौरा) प्रमुख हैं।
सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अशोक गर्ग ने बताया कि एंजाइना को छाती में भारीपन, असामान्य दबाव, तेज दर्द, जलन, ऐंठन के अहसास के रूप में पहचाना जा सकता है। कई बार इसे अपच या हार्ट-बर्न समझने की गलती भी हो जाती है। एंजाइना कंधे, बांहों, गर्दन, गले, जबड़े या पीठ में भी महसूस की जा सकती है। इसलिए लापरवाही नहीं करें। बीमारी के दूसरे लक्षण छोटी-छोटी सांस आना, धड़कनों का तेज होना, कमजोरी या चक्कर आना, उल्टी आने का अहसास होना और पसीना आना भी हो सकते हैं।

साइलेंट किलर भी है अटैक, ये ज्यादातर 50 से कम उम्र और 25 प्रतिशत 40 से कम उम्र के लोगों में होता है-

डॉ. राहुल शर्मा ने बताया कि दिल का दौरा आने पर इसके लक्षण आधे घंटे तक या इससे ज्यादा समय तक रहते हैं। साथ ही आराम करने या दवा खाने से भी आराम नहीं मिलता। लक्षणों की शुरुआत मामूली दर्द से होकर गंभीर पीड़ा तक पहुंच सकती है। कुछ लोगों में हार्ट अटैक का कोई लक्षण सामने नहीं आता, जिसे हम साइलेंट मायोकार्डियल इन्फेक्शन यानि एमआई कहते हैं। ऐसा आमतौर पर उन मरीजों में होता है, जो डायबिटीज से पीड़ित होते हैं। इंडियन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, भारत में होने वाले कुल हार्ट अटैक का 50 प्रतिशत 50 से कम उम्र और 25 प्रतिशत 40 से कम उम्र के लोगों में होता है। गांवों की अपेक्षा शहर के लोग इस बीमारी के प्रति ज्यादा जागरूक हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!