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अशोक गहलोत व सचिन पायलट मंत्रीमंडल बनाने में जुटे।

By on December 18, 2018 0 111 Views

 

राजस्थान सचिवालय के मुख्य भवन (पुराने) मंत्रालय भवन (नए) और सी. एम. ओ. (मुख्यमंत्री सचिवालय) के नवनिर्मित भवन मे कौन-कौन बैठेंगे, इसकी कवाद शुरू हो गई है। यह तय है कि सी. एम. ओ. जो कि आधुनिक सुविधाओं से संपन्न्ा एवं साज सज्जायुक्त है, उसमें मुख्यमंत्री बैठेंगे ही। यह फाईबस्टार होटलनुमा भवन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सुरूचिपूर्ण तरीके से वास्तु सौंदर्य बोध के साथ बनाया था। पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश ने जब इस आधुनिक सजा सज्जाओं से युक्त सीएमओं भवन को देखा तो सचमुच प्रसन्न्ा हो गए। क्या इस सीएमओ भवन में डिप्टी सीएम सचिन पायलट भ बैठेंगे? यह प्रश्न कुछ उलझा-उलक्षा है। हालांकि पायलट ने अपने कमरे के लिए कोई इच्छा जाहिर नहीं की है, लेकिन मीडिया में कयास है कि उप मुख्यमंत्री पुराने मुख्य सचिवालय भवन में पोर्च के ऊपर बने कमरों में ही बैठेंगे। इस उप मुख्यमंत्री भवन की खिड़कियों से सचिवालय का लाॅन, लाॅन में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा, जनपथ, अशोक कल्ब भी निहार सकते हैं। इसी कमरे मे पूर्व मुख्यमंत्री मोहन लाल सुखाड़िया से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक बैठे है। इसी प्रथम तक के कमरों में पूरा सी.एम.ओ. कार्लालय था। कुछ दूसरे तले के कमरे भी इसी सी.एम.ओं. में शामिल थे। पुराने सीएमओ के मुख्यमंत्री कक्ष में पहले केबीनेट की बैठकें हुआ करती थी। बाद में सीएमओं के सामने वाले गलियारे के पास वाले कमरे में (जो कभी प्रेस रूम हुआ करता था) केबीनेट की बैठकें होने लगी। बाद में पूर्व उप मुख्यमंत्री हरि शंकर भाभड़ा को यह कमरा एलाॅट कर दिया। पिछली सरकार के समय यह कक्ष पूर्व मंत्री राजपाल सिंह के पास था। कहा यह जा रहा है कि फिलहाल इसी कक्ष और आसपास के कमरों में उप मुख्यमंत्री सचिवालय बनेगा। अब उप मुख्यमंत्री के पास कौन-कौन विभाग होंगे, यह अभी तय नहीं है।

कहा यह जा रहा है कि शुरूआत में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 15 से 20 मंत्री, राज्यमंत्री और उपमंत्री बनाएंगे। इनमें सहयोगी दलो का भी प्रतिनिधित्व होगा। शासन सचिवालय में कमरों का प्रबंधन देखने वाले सूत्रों का कहना है कि कमरें वरिष्ठता के क्रम से ही कमरों का निर्धारण होगा। गृह, वित्त, स्वायत्त शासन, जल संसाधन, पीएचडी, पी डब्ल्यूडी, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभागों के नवनियुक्त मंत्रियों की इच्छा को संभवतः तरजीह दी जाएगी। सभी संभावित मंत्रियों की नजरें कमरों के नम्बर एवं अंक ज्योतष की अनुकूलता पर भी टिकी है। राज्यमंत्रियों और उपमंत्रियों को मंत्रालयिक भवन में जगह मिलने की अधिक संभावना है। अब इन्तजार है मंत्रिमण्डल के संभावित सदस्यो के चयन, शथप-ग्रहण और विभागों के वितरण की। कांग्रेस एवं सहयोगी दलों के विधायकों की धड़कने इस समय बहुत तेज है। ज्योतिषियों को कुंडली दिखान, नया जोधपुरी कोट एवं शेरवानी सिलवाने में बहुत से विधायक व्यस्त हैं। अशोक गहलोत सबकी मिजाज पूर्सी में लगे हैं। अपना ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ विधायक अखबारों में पूरे पेज का बधाई का विज्ञापन भी दे रहे हैं। कहा ये जा रहा है कि सूचियां बनाने में मुख्यमंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री दोनों ही लगे हैं। काॅमन नामों का चयन भी इन्हीें सूचियों से होगा। इसमें भी दखलल कांग्रेस आलाकमान की ही रहेगी।

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