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विधानसभा चुनाव 2018 विश्लेषण (निवाई)

By on December 10, 2018 0 267 Views

विधानसभा चुनाव 2018 के बाद स्थिती

 

टोक जिले में विधानसभा की चार सीटों पर चुनाव के बाद माना जा रहा हैं कि टोंक व निवाई सीट पर कांग्रेस की जीत लगभग निश्चित हैं। वही मालपुरा सीट पर कांग्रेस समर्थित रालोद के प्रत्याशी रणवीर पहलवान की जीत की संभावनाए अधिक हैं। वही देवली-उनियारा सीट पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना हैं। टोंक जिलें में चारो सीटों पर कुल 9 लाख 81 हजार 121 मतदाता हैं जिसमें से 1326 सरकारी कर्मचारी मतदाताओं ने सरकारी प्रशिक्षण के दौरान अपने मत का प्रयोग किया। वही ईवीएम मशीन से 9 लाख 79 हजार 795 मतदाताओं में से 7 लाख 5 हजार 696 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया हैं और जिले की चार सीटों पर कुल 72.02 प्रतिशत मतदान हुआ। इसमें टोंक में 75.76 प्रतिशत, मालपुरा में 72.36 प्रतिशत, निवाई में 69.87 प्रतिशत और देवली-उनियारा में 70.57 प्रतिशत मतदान हुआ हैं। कुल मिलाकर जिले में चार सीटों में से तीन सीटों पर कांग्रेस जीत की ओर अग्रसर हैं। वही देवली-उनियारा सीट पर कड़े मुकाबले में किसी की भी जीत हो सकती हैं। यह सीट बीजेपी के खाते जा सकती हैं और ऐसा होता हैं तों टोंक में कांग्रेस के पक्ष में 3-1 से लीड रह सकती हैं। जबकि 2013 के चुनावों में बीजेपी ने जिले की चारों सीटों पर जीत हासिल की थी।

निवाई विधानसभा सीट (95)

 

जिले की चार सीटों में से निवाई विधानसभा सीट एकमात्र आरक्षित सीट हैं। जहां पर अनुसुचित जाति जनरल कास्ट व गुर्जर मतदाताओं की तादात अधिक हैं। इस सीट पर कांग्रेस के प्रशांत बैरवा का मुकाबला बीजेपी के नए चेहरे रामसहाय वर्मा से हैं। प्रशांत बैरवा यहां पर 2013 में चुनाव लड़े थे व मोदी लहर में 5936 मतों से चुनाव हारे थे। इस बार प्रशांत बैरवा इस मुकाबले में जीतते हुए नजर आ रहे हैं। इसके पीछे सत्ता विरोधी लहर के साथ इस सीट पर युवाओं का प्रशांत से जुडाव व गुर्जर एवं अनुसुचित जाति के वोटों पर उनकी पकड़ एक बड़ा कारण हैं। 2 लाख 46 हजार 941 वाली निवाई विधानसभा सीट पर 7 दिसंबर को हुए मतदान में 2 लाख 46 हजार 706 मतदाताओं में से एक लाख 72 हजार 371 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इससे पहले 235 सरकारी सर्वित मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग पोस्टल बेलेट से किया। वह इसी सीट पर 69..87 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें शहरी क्षेत्र में 20 हजार 117 वोट डाले गए। वही ग्रामीण क्षेत्र में एक लाख 52 हजार 254 वोट डाले गए। निवाई सीट का इतिहास बताता हैं कि पिछले 15 चुनावों में कांग्रेस ने जहां 5 बार जीत हासिल की हैं वही भाजपा 4 बार जीत हासिल की हैं। इस बार प्रशांत बैरवा के प्रति कांग्रेस में गुटबाजी साफ नजर आई पर मतदान तक बीजेपी के हालात निवर्तमान विधायक हीरालाल रैगर की कार्यशैली के कारण ज्यादा बदतर थे। वही प्रशांत की युवाओं पर पकड़ का फायदा कांग्रेस को मिलने की संभावना है।

 

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