August 21, 2018
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बदहाल सुनहरी कोठी…

By on July 18, 2018 0 23 Views

 

टोंक मे पर्यटन की अपार संभावनाओं के बावजूद यहां पर विरासतों को सहेजने और उनका प्रचार-प्रसार करने मे जिला प्रषासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीन रवैया ही है, यहां पर पर्यटन के रूप मे आने वाला राजस्व शुन्य है, कुछ ऐसे पर्यटन सभावनाओं को समेंटे टोंक सुनहरी कोठी जहां अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। टोंक के नजरबाग क्षेत्र मे स्थित सुनहरी कोठी का निर्माण जिस शानौ-षौकत से करवाया गया था उसका एक उद्देष्य यह भी जरूर रहा है कि भविष्य मे इसे देखकर नवाबी काल की याद सुनहरी हो जाये, लेकिन आज यहां पर हालात बद से बदतर हो चले है, यही कारण है इसके आस-पास जहां गदंगी के ढेर लगे रहते है तो असामाजिक तत्वों की मौजूदगी हमेषा ही इसकी सुरक्षा के प्रति संदेह पैदा करती है, लेकिन पिछले 15 सालों मे तीन बार पहले ही पर्यटन और पुरातत्व विभाग की अनदेखी के चलते इस विष्वस्तरीय कोठी के लिये कोई पर्यटक नही जुटा पाये और दीवार ऊंची करवाने के बाद स्थानीय पर्यटक और यहां वासिंदे इसे देख नही पायेंगे। दअरसल राजस्थान के लखनऊ कहलाने वाले टोंक नगर के पहले नवाब अमीरूद्दोला के शासन काल मे शुरू हुआ सुनहरी कोठी का निर्माण 1824 मे जाकर पूरा हुआ, जिसकी दीवारों और मेहराबों पर सोने की नक्काषी से लेकर बैषकिमती रत्न जडित काम उसकी शौभा बढाते रहे, लेकिन जितना सुनहरा इस सुनहरी कोठी के निर्माण का इतिहास रहा है, उससे कई बुरा हाल शासन और प्रषासन की लापरवाही के चलते आज है, यही कारण है विष्वस्तरीय पहचान होने के बावजूद यह बदहाली का षिकार हो रही है, जानकारों की माने तो इस कोठी की मरम्मत के लिये कई बार बजट स्वीकृत भी हुआ है, लेकिन सुरक्षा दीवार के निर्माण मे ही पूरा बजट खपा दिया जाता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर सूबे की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जहां विदेष नीति के जरियें देष-प्रदेष मे रोजगार और पर्यटन को बढावा देने का प्रयास कर रहे है, वही टोंक मे नवाबी काल के सुनहरे पन्नों की गवाह वर्तमान मे जीर्ण-षीर्ण हालत मे खडी सुनहरी कोठी उपेक्षा आजकल से नही बल्कि कई दषकों से चली आ रही सरकारे और प्रषासन बदलते रहे लेकिन नही बदली इस कोठी दुर्दषा की कहानी, वही पिछले 15 सालों मे लाखों का बजट स्वीकृत खर्च होने के बावजूद आज कोठी की हालत मे रत्तीभर भी सुधार नही हुआ है।

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