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सदर थाना पुलिस ने बजरी माफियाओं के खिलाफ की कारवाई…

By on October 3, 2018 0 180 Views

अवैध बजरी खनन करते हुए दो जनों को किया गिरफ्तार…

अवैध बजरी से भरे वाहनों को किया जब्त…

टोंक। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद भले ही पुलिस व प्रशासन बजरी खनन पर रोक लगाने के लिऐ समय-समय पर कार्यवाही कर रहे हैं लेकिन इन कार्यवाहियों के बावजूद बजरी का अवैध दौहन करने वालों के हौंसले पस्त नही हुए हैं। शहर के मोलाइपुरा वनक्षेत्र में जलदाय विभाग की कुओं के हो रहे खनन की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने आज तड़के सुबह ही मोलाईपुरा पहुंच गए और वहां खनन करते हुए दो जनों को गिरफ्तार करने के साथ ही छह ट्रैक्टर – ट्राॅली भी जब्त कर ली। टोंक जिले से गुजर रही बनास नदी में अवैध बजरी खनन करने के लिए खनन माफियां जितने सतर्क होकर काम कर रहते हैं अगर उसका आधा भी खनिज विभाग या प्रशासन काम ले तो बजरी खनन पर रोक लगाई जा सकती हैं, हालांकि पुलिस विभाग की ओर से समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशो की पालना में कार्यवाही की जा रही हैं।
दरअसल पिछले पिछले कई दिनों से मोलाईपुरा वनक्षेत्र में जलदाय विभाग के कुओं के आस-पास बजरी के अवैध खनन की करने की शिकायत पीएचईड़ी के अधिकारियों ने पुलिस और खनिज विभाग को की थी, जिसपर आज सुबह सदर थानाधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा मय जाप्ते के कार्यवाही करने पहुंचे। जिसके बाद वहां खनन कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया और कई वाहन चालक अपने वाहन लेकर तो कोई वाहन छोडकर ही भाग छूटे, वही इस दौरान पुलिस ने दो लोगो को गिरफ्तार कर लिया और छह ट्रैक्टर-ट्राॅली जब्त कर सदर थाने ले आए। पुलिस ने बताया कि बनास में अवैध बजरी खनन पर लगातार कार्यवाही की जा रही हैं, अवैध खननकर्ता रात के अंधेरा का फायदा उठाते हुए अवैध रूप से खनन करते हैं। अवैध खनन की मिल रही शिकायत पर कार्यवाही करने के लिए आज मोलाईपुरा नदी क्षेत्र में पहुंचे जहां से ट्रेक्टर चालक मेहबूद और केसरलाल को गिरफ्तार कर उनके वाहन सहित छह ट्रैक्टर जब्त किए हैं, बाकि मामलें में अनुसंधान किया जा रहा हैं।
हम आपकों बता दे बीसलपुर बांध बनने से पूर्व बनास नदी के बने कुओं से ही शहर को पेयजल सप्लाई की जाती थी लेकिन बीसलपुर बांध बनने के बाद नदी में पानी की कमी के बाद रेत के टीलो पर खनन माफियाओं की ऐसी नजर पड़ी की आज नदी में ना तो रेत के टीले के बचे और ना ही षुद्ध बजरी बच पाई हैं, यही कारण हैं नदी में मौजूद जलदाय विभाग के कई कुए धाराषाही होकर गिर गए है, खूद जलदाय विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि बनास में खनन का सबसे बड़ा खामियाजा उन्हे ही उठाना पड़ा हैं, जिसकी समय-समय पर वह प्रषासन एवं संबंधित विभाग को षिकायत करते रहे है। लेकिन जैसे-जैसे बनास उजडती रही हैं वेसे ही विभाग के कुआ की क्षमता खत्म होती गई, और आज हालात यह है कि शहर की जरूरत को कुछ प्रतिशत पानी ही उन वह कुए दे पार हैं। लेकिन आजकल इन कुआ के पास हो रहे अवैध खनन होने के बाद विभाग ने इसकी शिकायत खनिज विभाग, पुलिस एवं प्रशासन को की।
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