September 25, 2018
Breaking News

Sign in

Sign up

  • Home
  • News
  • Photo
  • बिकने से पहले अपह्रत कर्ता के चंगुल से निकली बालिका…

बिकने से पहले अपह्रत कर्ता के चंगुल से निकली बालिका…

By on July 23, 2018 0 21 Views

 


9 वर्षीया बालिका का अटरू में 20 हजार में हुआ सौदा…
:– उस मासूम का सौदा 20 हजार में हो चुका था और सात माह से वह अपह्रत कर्ताओ के चुंगल में थी पर उसने हिम्मत नही हारी ओर मौका मिलते ही वह भाग छुटी अपह्रत कर्ताओ की कैद से ओर किस्मत ने दिया उस मासूम का साथ, अंता में नहर पर रोती देख मीडिया कर्मी ने अंता पुलिस को दी सूचना तो पुलिस के हाथ लगें वह दो आरोपी।

सात महीने पहले अपहरण के इस मामले में सवाई माधोपुर पुलिस ने अंता पुलिस के सहयोग से बालिका को दस्तयाब कर दो आरोपियों को किया गिरफ्तार,,,
सात माह पहले सवाई माधोपुर से अपह्रत हुई बालिका को बारा  जिले के अटरू थाना क्षेत्र में 20 हजार रुपए में बेचने  की तैयारी कर रहे अपह्रत कर्ता के चंगुल से निकलने में कामयाब हो गई। सूचना पर  सवाई माधोपुर पुलिस ने अंता पुलिस के सहयोग से अपह्रत बालिका को दस्तयाब कर मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सवाई माधोपुर ले आई है। 
पुलिस थाना अंता के इंस्पेक्टर रमाकांत यादव ने बढ़ता राजस्थान को बताया कि थाना क्षेत्र के पचेल गांव के पास  नहर के पास एक बालिका रोती हुई, मीडिया कर्मी को नजर आई। उसने बालिका को एक दुकान पर बैठाकर अपने स्तर पर बालिका की पहचान की तहक़ीक़त की लेकिन बालिका इस क्षेत्र की नही होने की पुष्टि होने पर पुलिस को सूचना दी। इस दौरान कई ग्रामीण भी एकत्रित हो गए। अंता पुलिस ने बालिका को अपनी सुपुर्दगी में लेकर पूंछताछ की तो उसने  पहले अपने पिता का  नाम  पप्पू बताया। इस दौरान पचेल गांव से पप्पू कालबेलिया भी लड़की का पिता बनकर पुलिस थाने पहुंच गया। बालिका ने जब अपना पता सवाई  माधोपुर का होना बताया।  तो पुलिस को सन्देह हुआ और पप्पू कालबेलिया से उसकी आईडी मंगवाई। उधर मामले की जानकारी सवाई माधोपुर कंट्रोल रूम को दी तथा बालिका का वाट्सअप पर फोटो भी भेजा।  सवाई माधोपुर के महिला थाने में बीते साल दिसम्बर माह में  एक नाबालिका बालिका के अपहरण का मामला दर्ज था। पुलिस ने बालिका की फोटो  पिता को  दिखाकर तस्दीक कराई तो बालिका की असली पहचान सामने आ गई। अंता पुलिस के सीआई रमाकांत यादव ने बताया कि भोजयाखेड़ी निवासी पप्पू कालबेलिया पचेल गांव में हाली का काम करता था, उसने अपने साले रामदयाल के साथ मिलकर दिसम्बर माह में सवाई माधोपुर से 9 वर्षीया बालिका का अपहरण किया था। अपहरण के बाद पप्पू ने बालिका को अपने पास ही रख लिया था। 
पूंछताछ में सामने आया कि बालिका का सौदा 20 हाजर में हो गया था। वह बिकती उससे पहले ही।अपह्रत कर्ताओ के चंगुल से निकल गई। सवाई माधोपुर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 
लाडली को पा कर पिता को मिली अपार खुशी, ,,
सात माह पहले सवाई माधोपुर से अपह्रत हुई 9 वर्षीया बालिका के परिजनों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि अब उनकी लाडली वापस घर आएगी। सवाई माधोपुर महिला थाने की पुलिस ने भी घटना के दो चार दिन तक हाथ पैर मारे, लेकिन कुछ हासिल नही हुआ। फरियादी भी गरीब व बिना पहुंच वाला होने के कारण ओर ज्यादा कुछ नही कर पाया और भगवान भरोसे छोड़ अपनी लाडली को पाने की चाहत छोड़ चुका था।  लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। बिना पुलिस की उठा पटक, प्रयास के कुछ ऐसा घटित हुआ कि गमजदा पिता को उसकी सात महीने पहले खोई लाडली मिल गई। जब बाल संरक्षण न्यायालय बारा ने लाडली को उसके पिता के सुपुर्द किया तो उसकी खुशी का ठिकाना नही रहा।  बाल संरक्षण न्यायालय में ही अपनी लाडली से लिपट लिपट कर रोते देख वहा मौजूद हर शख्स की आंखे नम हो गई थी। 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *