November 13, 2018
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शुरू हुआ मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की आराधना का पर्व

By on October 10, 2018 0 21 Views

घट स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्रा शुरू हो गए। शहर के सभी दुर्गा मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए है। शहर के लोगों में आस्था का प्रतीक माने जाने वाले मेहरानगढ़ स्थित चामुंडा माता के मंदिर में दर्शनार्थियों की सुबह से भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ रही है। मंदिर से लेकर फोर्ट के बाहर तक लम्बी कतारें लगी है। दस वर्ष पूर्व इसी मंदिर में शारदीय नवरात्रा के पहले दिन सुबह जल्दी मची भगदड़ में 210 लोग अपनी जान गंवा बैठे थे। दर्शनार्थियों को भगदड़ व किसी भी प्रकार की हानि से बचाने के लिए पूरे परिसर में विशेष प्रबंध किये गये हैं। साथ ही सुरक्षा में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
शक्ति की अधिष्ठात्री भगवती मां दुर्गा की उपासना आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र आश्विन शुक्ल मास की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाया जाता है। नवरात्र आरंभ अमावस्या युक्त प्रतिपदा में वर्जित और द्वितीया युक्त प्रतिपदा में शुभ है। व्रत-पूजन विधान 17 अक्टूबर यानी महानवमी तक चलेंगे और 18 अक्टूबर की दोपहर में पूर्णाहुति व पारन किया जाएगा। ऐसे में इस बार भी शारदीय नवरात्र संपूर्ण नौ दिनों का होगा। वैसे तो मां दुर्गा यानि देवी की पूजा का पर्व साल में चार बार आता है लेकिन साल में दो बार ही मुख्य रूप से नवरात्रि पूजा की जाती है। प्रथम नवरात्रि चैत्र मास में शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होते हैं और रामनवमी तक चलती है। वहीं शारदीय नवरात्र आश्विन माह की शुक्ल प्रतिपदा से लेकर विजयदशमी के दिन तक चलती है। इन्हें महानवरात्रि भी बोला जाता है। दोनों ही नवरात्रों में देवी का पूजन नवदुर्गा के रूप में किया जाता है। दोनों ही नवरात्रों में पूजा विधि लगभग समान रहती है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष के नवरात्रों के बाद दशहरा यानि विजयदशमी का पर्व आता है। शरद ऋतु के आश्विन माह में आने के कारण इन्हें शारदीय नवरात्रों का नाम दिया गया है। नवरात्रि में मां भगवती के सभी 9 रूपों की पूजा अलग-अलग दिन की जाती है                                                                                                      Story of Navratri Special

देश का इकलौता मंदिर जो 7 बहनों के नाम पर बना है,

अब तक आपने देवी-देवताओं के मंदिरों के बारे में सुना होगा, लेकिन राजस्थान के बीकानेर-श्रीगंगानगर में स्थित बींझबायला में सात बहनों के नाम से 172 साल पुराना मंदिर बना है। बीकानेर संभाग में अनुमान के मुताबिक ये देश का इकलौता मंदिर है, जो बहनों के नाम से बना है। ये बहनें कौन थी और यहां कैसे आई, इस पर तो कई किदवंतियां हैं लेकिन यह तय है कि यहां ये बहनें सरदारशहर के गांव बायला से 172 साल पहले आई थी। इनके यहां दो मंदिर बने हैं।

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