February 23, 2019
Breaking News

Sign in

Sign up

  • Home
  • News
  • Photo
  • ठंड बढ़ने से फसलों को होगा फायदा..

ठंड बढ़ने से फसलों को होगा फायदा..

By on December 14, 2018 0 80 Views
पिछले तीन दिन रूक-रूक कर हो बूंदा-बांदी से बढ़ी ठंड नें किसानों में एक नई ऊर्जा भर दी हैं दरअसल बरसात होने से बढ़ी ठंड किसानों में फायदेमंद साबित होगी और यह बात किसान ही नही कृशि विशेषज्ञ भी मानते हैं यह बरसात सर्दी के मौसम यानि रबी की फसलों के लिए अमृत समान हैं। कृषि अधिकारी मानते हैं कि एक यह बूंदाबादी बरसात में तब्दील हो जाए जो फसल की पैदावार भी बढ़ सकती हैं जों इस साल पानी की कमी बदहाल किसान के लिऐ वरदान साबित हो सकता हैं।
प्रदेश में राजनैतिक परिवर्तन के साथ ही मौसम में खासा बदलाव देखने को मिल रहा हैं। मंगलवार रात जिले में भी कई जगह हल्की तो कही मध्यम दर्जे की बारिश हुई। जिसके बाद ठंड तों बढी ही साथ में अपनी फसल के उत्पादन को लेकर किसानों की उम्मीद भी बढ़ी हैं। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश एवं सर्दी में तेजी फसलों के लिए फायदेमंद रहती हैं इस साल बरसात कम होने के कारण पानी की कमी की से खरीफ की फसलों उगानें में उन्हे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था लेकिन दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में हुई बूंदा-बांदी से उन्हे अच्छे उत्पादन की उम्मीद हैंहम आपकों बता दे कि इसबार बीसलपुर कैचमेंट एरिया में बारिश कम होने के कारण इसबार बीसलपुर बांध में पानी की आवक कम हो सकी है। इससे बीसलपुर बांध से निकल रही दायीं व बायीं मुख्य नहरों में सिंचाई के लिए पानी नहीं छोडने और बरसात की कमी की वजह से तालाबों और बांधों में पानी की आवक नही होने से भी किसान चिंता बढ़ गई थी लेकिन मंगलवार देर रात हुई जिले में कई जगह हुई रुक-रुककर बारिश ने सर्दी में गलन लाने के साथ-साथ सरसों, गेहूं सहित अन्य फसलों की रंगत भी बढ़ा दी हैं।
दूसरी ओर हल्की बूंदा-बादी से जहां किसान के चेहरे पर चिंता की लकिरे कम हुई तों दूसरी ओर विभाग के अधिकारी भी आषान्वित हैं कि अगर इसी तरह मौसम रहा तों किसान को मैदान प्राप्त होगी। कृशि विभाग के कृशि विस्तार उपनिदेषक महेष षर्मा बताते हैं कि यह बरसात फसलों के लिए अमृत के समान हैं क्योंकि इससे उनकी फसलों को अप्रत्याषित फायदा होगा साथ ही बूंदाबांदी आने वाले दिनों में अच्छी बरसात में तब्दील होती हैं तों फसल की पैदावार 50 से 60 फीसदी बढ़ने की उम्मीद हैं।
चुनावी तापमान खत्म होते ही बरसात से मौसम में करीब से पांच से आठ डिग्री तापमान में आई गिरावट के हुई ठंड से ऊनी वस्त्रों की बिक्री बढ़ गई है। सर्दी में निखार आने से शाम होते ही बाजार में देर रात तक होने वाली रौनक भी कम हो गई है। शाम होने के साथ ही सड़कों पर कम ही लोग दिखाई देते हैं। ठण्डी हवाओं से बढ़ी ठिठुरने बचने के लिए लोग गुड़ की जलेबियों के साथ-साथ मूंगफली व गजक आदि की खरीदारी करते साफ दिखाई देते हैं जिस कारण ठेलों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दे रही है।
Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!