January 17, 2019
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गहलोत या पायलट? फैसला राहुल पर।

By on December 13, 2018 0 41 Views

राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के लि अपने नेता का चुनाव करने में कांग्रेस को भले ही दुविधा का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सरकार बनाने के दावे में वह पीछे नहीं है। कांग्रेस के दोनों नेता अशोक गहलोत एवं सचिन पायलट बुधवार शाम राजभवन गए और राज्यपाल कल्याण सिंह से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे पहले दिनभर पीसीसी में कांग्रेस के विधायक दल की बैठक हुईं। जिसमें विधायकों से रायशुमारी की गई। कांग्रेस के पर्यवेक्षकों ने कांग्रेस विधायको से उनकी राय जानी। इसके बाद राहुल गांधी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ही नाम का ऐलान किया जाएगा। यानि अब मुख्यमंत्री पद पर अंतिम फैसला राहुल गांधी करेंगे।
चर्चा ह कि कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट और अशोक गहलोत में से किसी एक का चुनाव करने में दुविधा का सामना कर रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन अशोक गहलोत के साथ है। सूत्रों के अनुसार गहलोत को 75 से अधिक विधायकों ने सीएम पद के लिए समर्थन किया है। वहीं सचिन पायलट की मेहनत को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। कहा जा रहा है कि युवा वर्ग में उनकी अच्छी साख बनी है। ऐसे में पार्टी के सामने नाम का चयन करने में मुश्किल आ रही है। बीच में खबर आई थी कि पायलट व सीपी जोशी को उप मुख्यमंत्री के रूप में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।

 

गहलोत की दावेदारी ज्यादा मजबूत

 

राजस्थान में कांग्रेस 99 सीटो पर है। इसलिए अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के आसार और दावेदारी ज्यादा मजबूत है। गहलोत संकट मोचक हैं और अन्य दलों से उनका मैनेजमेंट भी काफी अच्छा है। इसके पहले भी जब कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था तब भी गहलोत मुख्यमंत्री बने थे। उस समय 96 सीटों के साथ कांग्रेस सरकार बनी थी और गहलोत ने सफलतापूर्वक पांच साल राज किया था। सचिन पायलट चूंकि नए हैं, इसलिए कम सीटों की सरकार में उनके सीएम बनने की संभावना कम है। वहीं लोकसभा चुनावों में पार्टी की बड़ी जीत सुनिश्चित करना उसकी तैयारियां और मुख्यमंत्री पद को एक साथ संभालने का अनुभव भी गहलोत के पास है।

गहलोत-पायलट समर्थकों का हंगामा
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर सचिन पायलट और अशोक गहलोत के समर्थक भारी संख्या में मौजूद रहे। दोनों के समर्थकों ने अपने-अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी की। हंगामा देख आरएएफ तक बुलानी पड़ी। नारेबाजी कर रहे समर्थकों को कुछ नेताओं ने बाहर जाकर फटकार लगाई इसके बाद कुछ देर के लिए समर्थक शांत हुए। कुछ समर्थकों ने अपने लोकप्रिय नेता सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने खून से पत्र लिखा। इसकों देखते हुए यह भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि भले ही गहलोत की दावेदारी ज्यादा मजबूत हो लेकिन सचिन पायलट भी यूवा के दिलों में बस गए हैं।

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