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स्वदेशी तकनीक से विकसित विमान और राडार बनेंगे : धनोआ

By on October 9, 2018 0 57 Views

विटेंज विमानों को संजोने के साथ लगातार नवीनतम स्वदेशी तकनीक विकसित कर रही भारतीय वायुसेना आने वाले पांच वर्षो में विश्व की सर्वश्रेष्ठ वायुसेना बनने की ओर अग्रसर है। मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी तकनीक से विकसित किए गए विमान और रडार वायुसेना की ताकत बनने जा रहे हैं। हिन्दुस्तान एरोनाॅटिक्स लिमिटेड (एचएएल), भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड (बीईएल), रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) वायुसेना की ताकत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। लडाकू विमान तेजस और इजराइली तकनीक पर विकसित राडार स्पाइडर का भारतीय स्वरूप इसके उदाहरण हैं। ये सभी महत्वपूर्ण जानकरी वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने दी। उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जवानों को वायुसेना मेडल देकर सम्मानित भी किया।

गाजियाबाद के हिडन एयरफोर्स स्टेशन में भारतीय वायुसेना के 87वें स्थापना दिवस पर वायुसेना प्रमुख ने वर्ष 2018 को यादगार बताते हुए सभी जवानों को बधाई दी। उन्होंने पश्चिमी वायु कमांड के प्रमुख सी हरि कुमार, आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत, नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा का स्वागत किया। इसके बाद वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ के कहा कि इस वर्ष हुए युद्धाभ्यास गगंन शक्ति ने वायुसेना को नई ऊर्जा दी है। यही कारण है कि वायुसेना दिवस की थीम गगन शक्ति ही है। नेपाल, आॅस्ट्रेलिया और अन्य देशों के साथ किए गए युद्ध अभ्यास से वायुसेना को नया आत्मविश्वास मिला है। मिग-29 और मिराज 2000 के अपग्रेड होने से वायुसेना और शक्तिशाली होने जा रही है।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि सिर्फ वर्तमान परिस्थितियों के लिए ही नहीं बल्कि भविष्य को लेकर भी वायुसेना पूरी तरह से तैयार है। वायुसेना के लिए एरोस्पेस का उपयोग बेहद महत्वपूर्ण है। एरोस्पेस के विषय में वायुसेना का अध्ययन लगातार जारी है। साथ ही साइबर के क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चुनौतियों को लेकर भी वायुसेना अपनी शक्ति बढ़ा रही हैं। लगातार ऐसे राडार विकसित किए जा रहे हैं, जो एरोस्पेस और साइबर चुनौतियों के प्रति भी बेहद उपयोगी साबित होंगे।

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