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गार्गी पुरस्कार वितरण में छात्राओं का अपमान…

By on October 4, 2018 0 45 Views

शिक्षा विभाग के अधिकारीयों ने छात्राओं के सम्मान के नाम पर किया अपमान…

 

टोंक। राज्य सरकार मेधावी छात्राओं के सम्मान के लिए गार्गी पुरस्कार का आयोजन करती है करोड़ों रुपए छात्राओं को सम्मान के तौर पर दिए जाते हैं, लेकिन अफसोस की बात है की टोंक जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी छात्राओं के सम्मान के नाम पर अपमान करते नजर आते हैं, आज जिले भर की छात्राओं को गार्गी पुरस्कार के लिए बुलाया गया लेकिन जब छात्राओं को गार्गी पुरस्कार नहीं दिया गया तो कार्यक्रम में हंगामा हो गया छात्राएं रोने लगी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कोसने लगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारी हर काम सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए करते हैं चाहे उसके लिए इन अधिकारियों को छात्राओं का अपमान ही क्यों ना करना पड़े ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं की टोंक के बग्गी खाने में आज 8वी,10 वी व 12 वी कक्षा में सर्वोच्च अंक लाने पर सम्मान के लिए जिलेभर से छात्राओं को बुलाया गया कार्यक्रम में अतिथि भी आए अधिकारी भी आए सांसों के करीब छात्राओं को कार्यक्रम में बुलाया गया लेकिन अफसोस की बात यह रही कि पूरा कार्यक्रम अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया छात्राओं के बैठने के लिए ना जगह थी नहीं पीने के लिए पानी और जिस गार्गी पुरस्कार सम्मान के लिए छात्राओं को बुलाया गया था वह पुरस्कार भी छात्राओं को नहीं दिया गया,कोने कोने से अपने परिजनों के साथ छात्राएं खुशी चेहरे पर लिए सम्मान लेने आई थी, लेकिन जब यहां पहुंची तो अधिकारियों ने सम्मान देने से मना कर दिया, क्योंकि अधिकारियों की तैयारी पूरी नहीं थी और जब हंगामा ज्यादा बढ़ा तो शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके से भाग छूटे भागते भी क्यों नहीं क्योंकि छात्राओं के परिजन अधिकारियों पर अपमान करने का जो आरोप लगा रहे थे और अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था।

दरअसल आज शिक्षा विभाग की ओर से मेधावी को पुरस्कृत करने के लिए गार्गी पुरूस्कार बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार व पद्मश्री पुरस्कार के लिए बग्गी खाने में कार्यक्रम आयोजित किया गया सभी छात्राओं को बुलाया गया। छात्राएं अपने परिजनों के साथ कार्यक्रम में भी पहुंची जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में चंद छात्राओं को पुरस्कार दिया और मौके से चलते बने फिर क्या था शिक्षा विभाग के अधिकारी भी वहां से जाने की जुगत लगाने लगे क्योंकि कार्यक्रम सिर्फ खानापूर्ति के लिए किया गया था, कार्यक्रम में आई छात्राओं को ना तो सम्मान दिया गया और ना ही किसी तरह का पुरस्कार दिया गया और आने वाले दिन में फिर से आने को कहा गया इसी बात से खफा होकर कई छात्राएं रोने लगे छात्राओं के रोना देखकर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया, एक शिक्षक छात्राओं को समझाने लगा तो परिजनों ने आड़े हाथों ले लिया परिजनों का गुस्सा देख शिक्षक भी वहां से नौ दो ग्यारह होते नजर आया। सम्मान के नाम पर छात्राओं का जो अपमान किया गया वह कहां तक जायज था इसका जवाब ना तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास है और ना ही जिले के आला अधिकारियों के पास।

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