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कुर्बानी के लिये हुई बकरों की खरीददारी…

By on August 16, 2018 0 91 Views

बकरों की खरीददारी को लेकर टोंक में रहा मेला जैसा माहौल…

टोंक। टोंक मे ईदुलअज़हा से पूर्व हाट बाजार मे होने वाली बकरों की खरीददारी टोंक मे आज मेले जैसा माहौल दिखाई दिया, टोंक मे हर साल यहां बकरा मण्डी मे लगती है, जिसमे जिलेभर से लोग अपने पालतू जानवर बेचने आते है, दरअसल राजस्थान से ही बल्कि राजस्थान के बाहर से भी लोग यहां बकरों की खरीददारी करने आते है, ईदुलअजहां पर होने वाली कुर्बानी के लिये यहां पर खास तौर पर खरीददारों का मेला सा लगता है, जहां दस हजार से लेकर एक लाख तक बकरों की खरीद-फरोक्त होती है।
टोंक मे हर साल की इस बार भी ईदुल-अज़हा पर टोंक के हाट बाजार मे बकरे खरीदने वालो की भीड का मंजर देखने को मिला, यहां के लोगो की माने तो नवाबी नगरी टोंक की हाट बाजार के पास लगने वाली बकरा मण्डी राजस्थान पहले नंबर है और जिलेभर से हजारों की संख्या मे बकरे खरीददारी के लिये यहां लाये जाते है, जिनके खरीददारी ना सिर्फ टोंक बल्कि राजस्थान के कई हिस्सो व राजस्थान के बाहर से भी आते है, दूसरी ओर ईद पर होने वाली बजरों की कुर्बानी के लिये लोग गांव-गांव जाकर भी अच्छी नस्ल के जानवरों की खरीद कर रहे है, हम आपकांे बता दे बकरा ईद से पूर्व टोंक मे खास तौर पर गुरूवार कों लगने वाले हाट बाजार मे हजारों की संख्या मे बकरों की खरीददारी की जाती है, लेकिन बढती महंगाई के बावजूद बकरों की खरीद-फरोक्त कोई कमी नजर नही आई और 10 हजार से लेकर एक लाख तक के बकरों की खरीददारी की गई।
दरअसल मुस्लिम समाज द्वारा हर घर मे ईदुलअज़आ पर बकरों की कुर्बानी दी जाती है, जिसके लिये अच्छी से अच्छी नस्ल का बकरा खरीदने की होड सी लगी रहती है, राजस्थान के कई जिलों के अलावा राजस्थान के बाहर से भी लोग टोंक के हाट बाजार के पास लगने वाले बकरा मंडी मे बकरों की खरीददारी करने आते है, जिन्हे खरीदने की होड सी लगी हुई दिखाई दी, वही इस्माली विद्वानो का मानना है कि ईदुलअज़हा पर की जानी बकरों की कुर्बानी सबाब का काम करती है और कुर्बानी का मीट गरीबों मे बांटना उससे भी बडा सबाब है,क्योंकि हजरत इब्राहीम की याद मे कुर्बानी की जा जाती है और जिस जानवर की कुबानी दी जाती है उसका पूर्णरूप से स्वच्छ होना जरूरी है।
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