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राजनीति में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की आवश्यकता – प्रोफेसर रामजी सिंह

By on July 29, 2018 0 109 Views
जाने-माने गांधीवादी वे इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ सोशल फिलॉस्फी के चेयरपर्सन प्रोफेसर रामजी सिंह ने कहां है कि वर्तमान परिस्थितियों में देश में राजनीतिक मूल्यों का पतन हो रहा है राजनीतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के बिना गांधी की कल्पना वाले राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है गांधी अतीत नहीं वर्तमान और भविष्य है गांधी को केंद्र में रखकर देश के राजनेताओं को राजनीतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करनी होगी राजनीतिक मूल्यों के निरंतर पतन के कारण देश में पनप रहे भ्रष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए प्रोफेसर ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को राजनीति के साथ अध्ययन अध्यात्म का भी अध्ययन करना होगा राजनीति बिना अध्यात्म के संभव नहीं है उन्होंने गांधी के विचार और अध्यात्म को पर एक दूसरे का पूरक बताया देश में बढ़ रही नफरत के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए प्रोफेसर रामजी सिंह ने कहा कि धर्म जोड़ने के लिए होते हैं के आधार पर विक्रम और वैमनस्य था सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है उन्होंने गांधी के दर्शन पर व्याख्यान देते हुए कहा कि गांधी ने सर्व धर्म समभाव की बात कही गांधी का विचार प्रासंगिक था और रहेगा समान शिक्षा नीति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि गुलामी की मानसिकता वाली शिक्षा जब तक देश में रहेगी देश का विकास संभव नहीं है युवाओं में  वैदिक काल में शिक्षा का जिक्र करते हुए प्रोफेसर ने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिसमें जीवन और जीविका दोनों शामिल हो वर्तमान शिक्षा ना तो जीवन के प्रति समर्पित है ना ही उसमें जीविका का कोई साधन प्रोफेसर रामजी सिंह अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में  प्रातः 11:30 पर आयोजित वर्तमान परिपेक्ष में गांधी विनोबा की प्रासंगिकता विषय पर अपना व्याख्यान दे रहे हैं थे कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आचार्य कुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर हीरालाल श्रीमाली ने कहा कि महात्मा गांधी के आध्यात्मिक शिष्य विनोबा भावे ने देश में भूदान यज्ञ चलाकर सामाजिक समरसता के लिए ऐतिवहासिक काम किया देश में जब तक गैरबराबरी रहेगी एक अच्छे देश का एक अच्छे समाज का निर्माण नहीं हो सकता उत्तम चरित्र वाले आचार्य को तैयार करने की बात कही कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गांधी 150 जन्म शताब्दी समारोह समिति के कार्यसमिति सदस्य मुजीब आजाद ने कहां की गांधी विनोबा के विचारों को जीवन में आत्मसात करके  गांधी की कल्पना वाले देश का निर्माण किया जा सकता है उन्होंने राजनीति में नैतिक मूल्यों के पतन पर चिंता व्यक्त जताई विशिष्ट अतिथि कैप्टन शमशेर थे भारत-पाक युद्ध में  अपनी भूमिका निभाई थी महात्मा गांधी 150 वर्ष जयंती के अवसर पर प्रेमजी फाउंडेशन हॉल में आयोजित  व्याख्यान के प्रारंभ में अतिथियो का शाल ओढ़ाकर एडवोकेट महावीर तोपड़ा अशोक सक्सेना शब्बीर नागौरी ने सम्मान किया हरिराम चौधरी ने स्मृति चिन्ह भेंट किए प्रेम जी फाउंडेशन के समन्वयक विकास राय ने कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डाला व्याख्यान में मुख्य रूप से प्रोफ़ेसर मनु शर्मा डॉ अन्नपूर्णा शुक्ला एक ब्रश  राष्ट्र के नाम प्रदर्शनी की संयोजक डॉक्टर मुक्ति पाराशर कवि प्रदीप पवार जसवंत सिंह नरूका एडवोकेट अनुराग गौतम शायर शाद केफी  कामरेड अच्युत ठाकुर विजय बहादुर सिंह उम्मेद सिंह सोलंकी इत्यादि  प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे । अजीमप्रेम फाउंडेशन के देवेंद्र जोशी ने आभार व्यक्त किया । एक ब्रश राष्ट्र के नाम प्रदर्शनी की संयोजक डॉक्टर मुक्ति पाराशर सहित ची  चित्र कला का प्रदर्शन करने वाले राकेश शर्मा मनोज नामा सुमन राजपाल अतुल शर्मा सीमा शर्मा अनुपमा पवार नाथ दीक्षित डॉ अन्नपूर्णा शुक्ला का प्रोफेसर रामजी सिंह ने शाल ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया एक प्रतिभावान कलाकार मनोज नामा  ना माने प्रोफेसर रामजी सिंह का लाइव स्केच बनाकर उनको भेंट किया डॉक्टर मुक्ति पाराशर ने गांधी जी की पेंटिंग सप्रेम भेंट की प्रदर्शनी को दिनभर देखने वाले विद्यार्थियों युवा वर्ग और बुद्धिजीवियों का तांता लगा रहा जनसरोकार मंच के अशोक सक्सेना ने टौंक की सभ्यता और संस्कृति पर प्रकाश डाल कर अतिथियों को अवगत कराया ।
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