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शिक्षक दिवस पर पैराटीचर्स का काला दिवस…

By on September 5, 2018 0 242 Views

राज्य सरकार के खिलाफ की नारेबाजी….

टोंक। राज्य सरकार से मानदेव बढ़ाने सहित खूद को नियमित करने की मांग कर रहे मदरसा पैराटीचर्स ने आज प्रदेशभर में  शिक्षक  दिवस ना मनाते हुए आज कार्य बहिष्कार करते हुए काला दिवस मनाया है। जिला मुख्यालय पर जिलेभर के सैंकडों पैराटीचर्स ने एकजुट होकर मुख्य बाजार कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और राष्ट्पति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जहां एक ओर 5 सितंबर को देशभर में  शिक्षक दिवस मनाया जा रहा हैं, वही दूसरी ओर प्रदेश में आम शिक्षकों की तरह की अल्पसंख्यक समुदाय बच्चों को मदरसों में शिक्षा देने काम वाले पैराटीचर्स ने आज सरकार के खिलाफ मौर्चा खोलते हुए ना सिर्फ आज कार्य बहिष्कार किया हैं साथ ही काला दिवस मनाते राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया है। दरअसल लंबे समय स अल्प वेतन में काम करने के बावजूद मानदेय बढाने और नियमितिकरण की मांग कर रहे पैराटीचर्स ने जिला मुख्यालय पर एक बार फिर से आंदोनलात्मक रूख अख्तियार किया और राज्य सरकार पर उनका शोषण करने का आरोप लगाते मुख्य बाजार में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
मुख्य बाजार से होते हुए पैराटीचर्स की रैली घंटाघर होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची जहां उन्होने सरकार की हठधर्मिता के विरोध में नारेबाजी की। 2013 तके संकल्प यात्रा के दौरान किए वादों पर अब तक पूरा नही करने पर उन्होने वसुंधरा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए वादा याद दिलाने के लिये फिर सें आंदोलन का रूख किया हैं। शिक्षक दिवस पर कार्य  बहिष्कार  कर  काला दिवस मनाकर पैराटीचर्स कुछ इसी सुर मे सरकार को ललकारते नजर आये कि या तो उनकी मांगो पर विचार करे या फिर तैयार हो जाये आंदोलन के लिये, पैराटीचर्स का आरोप है इस महंगाई के दौर सामान्य तृतीय श्रेणी सरकारी अध्यापक की तरह डिग्रीधारी होने के बावजूद पैराटीचर्स मात्र 6270 रूपये महिने के मेहनताना मे काम कर रहे है और मानदेय बढाने के लिये पिछले एक दषक से मांग कर रहे है लेकिन सरकार बदलती रहती है और हर सरकार वादा कर हमेशा वादाखिलाफी करती है, चुनाव के समय वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने घोषणा पत्र मे पैराटीचर्स को नियमित करने की बात कही थी लेकिन पिछली सरकार की तरह इन्होने भी वादाखिलाफी करते हुये पैराटीचर्स के साथ धोखा किया है,
साथ ही उन्होने आरोप लगाया कि हर साल बढने वाला 400 रूपये का इंक्रीमेंट इस साल नही बढाया जाना सरकार की हठधर्मिता को दर्षाता है, इसलिये आखिर मे परेशान होकर अब पैराटीचर्स आंदोलन की राह पकडने का मजबूर हैं टोंक मे प्रदर्शन के दौरान पैराटीचर्स ने सरकार पर शोषण के आरोप लगाते हुऐ कहा कि कभी ऐग्रीमन्ट को बढ़ाने को लेक उन्हे परेषान किया जाता हैं तों कभी ओर कई महिनों तक उन्हे वेतन से महरूम कर दिया जाता हैं। समान काम समान वेतन सहित कई मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे पैराटीचर्स ने बताया राज्य सरकार के विभिन्न से शैक्षणिक परियोजनाओं में कार्यरत पैराटीचर्स, शिक्षाकर्मी, मदरसा पैराटीचर्स कई सालों से नियमित शिक्षक के समान ही शहर व ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं उसके बावजूद बीएड होने के बावजूद उन्हे अल्पवेतन में काम करना पड़ रहा है। राज्य सरकार से मांग की कि मांग की समानीकरण करते हुये उन्हे स्थायी किये जाकर उनका वेतन बढाया जाये ओर उनका ऐग्रीमेन्ट रिनीवल किया जाने सहीत कई मांगो को लेकर कलेक्टर के माध्यम राश्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, भाजपा राश्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य के शिक्षामंत्री के खिलाफ ज्ञापन सौंपा।
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