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रामपाल को आजीवन कारावास

By on October 17, 2018 0 55 Views

पांच हत्याओं के मामले में रामपाल समेत 15 दोषियों को उम्रकैद

जेल में सजा काटते वक्त बागवानी कर सकता है रामपाल

सतलोक आश्रम में पांच हत्याओं के मामले में स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को रामपाल समेत 15 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनकर रामपाल ने कहा कि परमात्मा ने जो किया है, वह ठीक है। यह देख बाकी 14 दोषियों ने रामपाल को फर्श पर लेटकर प्रणाम किया। इससे पहले सेंट्रल जेल-एक में लगी अदालत में मंगलवार सुबह रामपाल को पेश किया गया। सभी दोषी सिर झुकाए खड़े थे। रामपाल के बचाव में करीब 10 वकील पैरवी करते हुए कम से कम सजा देने की मांग कर रहे थे। वहीं, प्रॉसिक्यूशन ने दोषियों को मृत्युदंड देने की पैरवी की। जज डीआर चालिया ने 12.30 बजे फैसला पढ़कर सुनाया।

कभी जूनियर इंजीनियर रहा रामपाल अब कैदी नंबर 1005 के नाम से जाना जायेगा। उसे जेल में लघु उद्योग या बागवानी का भी काम मिल सकता है, जिसके ऐवज में मेहनताना भी मिलेगा। रामपाल कभी साढ़े 12 एकड़ में बने सतलोक आश्रम में ऐशो-आराम से रहता था। जज ने जैसे ही सजा का ऐलान किया तो रामपाल फूट-फूटकर रोने लगा और घुटनों के बल बैठ गया । रोते हुए रामपाल जज से बोला- आप तो कबीर भक्त हैं, कुछ तो रहम कर देते. लेकिन जज ने इस पर कुछ जवाब नहीं दिया और उठकर चल दिए । रामपाल सहित उसका बेटा वीरेंद्र, भांजा जोगेंद्र, बहन पूनम और मौसी सावित्री के अलावा बबीता, राजकपूर उर्फ प्रीतम, राजेंद्र, सतबीर सिंह, सोनू दास, देवेंद्र, जगदीश, सुखवीर सिंह, खुशहाल सिंह, अनिल कुमार को कोर्ट ने दोषी ठहराया है जिनका सजा का फैसला 17 अक्टूबर को आ सकता है। जिनके खिलाफ एक अन्य महिला की हत्या के केस में मामला दर्ज है।

हत्या के आरोप में दोषी पाए गए रामपाल ने पुलिस के सामने कबूल किया था कि मैंने कमांडो से कहा था महिलाओं और बच्चों को पीटकर कमरे में बंद कर दो। रात को देखा कि एक बच्चे और चार महिलाओं की मौत हो चुकी है। उनके शवों को आश्रम से बाहर फेंकवा दिया था ताकि उनकी मौत का जिम्मेदार पुलिस को ठहराया जा सके। मेरे कहने पर ही कमांडो फोर्स का गठन हुआ था। मेरी गिरफ्तारी को रोकने के लिए मुझसे जुड़े सदस्यों और निजी कमांडो ने साथ दिया था।

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