October 16, 2018
Breaking News

Sign in

Sign up

  • Home
  • News
  • Photo
  • अन्धविश्वास व धार्मिक अस्था के चलते खुद को गड्डे में किया बंद।

अन्धविश्वास व धार्मिक अस्था के चलते खुद को गड्डे में किया बंद।

By on October 11, 2018 0 15 Views

भोपे ने ली जीवित समाधि, पुलिस ने बेहोशी की हालत में निकाला बाहर।

भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र के कुराछो का खेड़ा गांव में नवरात्री के मौके पर एक मंदिर के भोपे ने धार्मिक आस्था की बात कहते हुए जिंदासमाधि ले ली। भोपे द्वारा ली गई जीवित समाधि की सूचना सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम के विडियों व फोटो नजर आने से लोगों की कई प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है कि आज के क्रांतिकारी युग में भी कैसे लोग धार्मिक भावनाओं के कारण अन्धविश्वास का शिकार हो रहे है। और इसकों अपनी अस्था व धर्म बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियों व फोटो वायरल होने से पुलिस प्रशासन भी हरकत में आई। आसींद थानाधिकारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और भोपा को करीब सोलह घंटे के बाद समाधि से बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। उसे आसींद अस्पताल में बेहोशी की हालत में भर्ती करवाया गया। जहां देर रात तक उसको होश नहीं आया। थानाधिकारी मनीष देव ने बताया कि कुराछो का खेड़ा गांव में तालाब के निकट माताजी का मंदिर है। मंदिर के भोपा श्रवण खारोल ने धार्मिक आस्था बताते हुए बुधवार सुबह सात बजे पांच बाई पांच साइज का गड्ढ़ा खुदवाया। फिर मंत्रोच्चार के साथ ग्रामीणों की मौजूदगी में गड्ढ़े में बैठ गया। उसके बाद ग्रामीणों ने गड्ढे के उपर पट्टी रखी और उस पर मिट्टी डालकर उसे बंद कर दिया। इस समाधि से तीन दिन बाद भोपा को बाहर निकालना था। इस बीच इसके वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर थानाधिकारी जाब्ते के साथ गांव पहुंचे। वहां समाधि स्थल के आसपास करीब 40-50 लोग सो रहे थे। पुलिसकर्मियों ने वहां पहुंच कर घटनाक्रम की जानकारी ली। लेकिन वहां मौके पर मौजूद लोग समाधि से भोपे को बाहर निकालने पर विरोध करने लगे। उसके बाद गांव के प्रबुद्ध लोगों को बुलाकर लोगों की समझाइश की। और इस तरह करने को बेवकूफी बताया। उन्हें बताया कि हवा-पानी नहीं मिलेगा तो भोपा अन्दर ज्यादा समय तक जिन्दा नहीं रहेगा। ओर अन्दर आॅक्सीजन-पानी के अभाव में जीवित रहना नामुमकिन है। ऐसे में भोपा को बाहर निकाला जाए। काफी समझाइश के बाद आखिर ग्रामीणों ने भोपे को समाधि से बाहर निकालने कि अनुमति दे दी। उसके बाद मिट्टी हटाकर भोपा को बाहर निकाला गया तो भोपा श्रवण बेहोशी की हालत में था। उसे तत्काल पुलिस जीप से आसींद अस्पताल पहुंचाया। वहां देर रात तक इलाज जारी था। हालांकि भोपा देर रात तक बोलने की स्थिति में नहीं था।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *