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रोडवेज संगठनों की हड़ताल….

By on September 17, 2018 0 87 Views

नही चली रोडवेज की बसे, यात्री हुए परेशान।

सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप।

 पिछले दो महिने में दूसरी बार रोडवेज संगठनों की चक्काजाम हड़ताल से जहां बस स्टेण्ड एवं डीपों तक बसों का संचालन नही हो सका और बसे खडी नजर आई। रोडवेज संगठनों संयुक्त मोर्चा की ओर से प्रदेश की तरह ही टोंक में आज चक्काजाम हड़ताल की गई। वही सरकार और रोडवेज संगठनों की इस खींचतान में आमजन पिसते नजर आए। कई यात्रियों को हड़ताल की जानकारी नही होने के कारण है यात्रा करने के लिए बस स्टेण्ड पहुंचे तो उन्हे परेशानी हुई।
 राजस्थान रोडवेज श्रमिक संगठनों के सयुक्त मोर्चा की ओर से आज से चक्काजाम हडताल की वजह से सुबह से ही बस यात्रा करने वाले यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही जहां बस स्टेण्ड पर बसों नही होने से बस स्टेण्ड सूना नजर आया, वही रोडवेज डीपों पर बसे खडी रहने से रोडवेज को भी लाखों को नुकसान उठाना पड़ा हैं। रोडवेज एटक के अध्यक्ष शंकरलाल जांगिड़ ने बताया कि सरकार की मंशा रोडवेज का बंद करने की हैं रोडवेजकर्मी बार-बार अपनी मांगो को लेकर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करने पर मजबूर हो रहे है लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता के चलते उनकी मांगो की ओर ध्यान नही दे रही हैं। दरअसल लोक परिवहन बसों को रोडवेज बस स्टेण्ड से दूर संचालित करने व रोडवेजकर्मियों को भर्ती करने सहित 13 सूत्रीय मांगो को लेकर रोडवेज से जुडे विभिन्न संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बनाकर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। दो सितंबर धरना देकर फिर क्रमबद्ध आंदोलन कर रहे रोडवेज कर्मचारियों ने 12 सितंबर को मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालकर पुतला जलाकर विरोध-प्रदर्शन किया था। वही पिछले दो दिन से 15 एवं 16 को रोडवेज बस स्टेण्ड पर धरना दिया। जिसके बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक जवाब नही मिलने पर उन्होने कल रात्रि 12 बजते ही रोड़वेज की प्रदेशव्यापी चक्काजाम हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि चक्काजमा हड़ताल को आवश्यकता होने पर संयुक्त मोर्चा के निणर्य से आगे भी बढ़ाया जा सकता हैं। वही दूसरी ओर रोडवेज संगठनों की इस बेमियादी चक्काजाम हड़ताल के कारण राजस्थान के अन्य डीपों की तरह टोंक डीपों की 74 एवं अनुबंधित बसें मिलाकर 94 बसों का संचालन नही होने से यात्रियों को तो परेषानी हुई ही। इसके साथ-साथ घाटे के दौर से गुजर रही रोडवेज को भी एक दिन में 15 से 16 लाख का चूना लग गया हैं
 दूसरी ओर चक्काजाम हड़ताल में भाग नही ले रही भारतीय मजदूर संगठन पहले की भांति अपना काम करते रहे हैं। वही चक्काजाम हडताल से अनभिज्ञ यात्री प्रतिदिन की तरह आज भी बस स्टेण्ड पर यात्रा करने पहुंचे लेकिन वहां पर हडताल देखकर उन्हे निराश होकर जाना पड़ा। वही कई यात्री को सही जवाब नही मिलने से वह दिनभर बस स्टेण्ड पर ही बसे संचालित होने की राह देखते नजर आए है ऐसे रोडवेज व सरकार के बीच इस लडाई की वजह से आज यात्री को परेषान होना पड़ा हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और सरकार के बीच की इस खींचतान में आम आदमी को पिसना पड़ रहा हैं
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