January 18, 2019
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सचिन दिलाएंगे टोंक को रेल..

By on December 17, 2018 0 28 Views
टोंक जिला मुख्यालय को रेल लाइन से जोडने की आजादी के बाद से चली आ रही मांग अब पूरी होती नजर आ रही हैं, यह हम नही टोंक के लोगो को कहना है, साथ ही वह लोग भी इस बार आशान्वित हैं जों लंबे समय से टोंक को रेल से जोडने को लेकर लगातार आंदोलन करते रहे हैं, टोंक में पहली बार 2008 मे रेल लाइन को लेकर आंदोलन करते हुए यहां के लोगो एनएच 12 पर जाम लगाया था उसके बाद से लगातार समय-समय पर आंदोलन करने के बावजूद एक दशक बाद भी टोंक रेल से नही जुड पाया है लेकिन इस बार चूकि टोंक विधायक एवं डिप्टी सीएम के रूप में सचिन पायलट टोंक का पक्ष रखेंगे तों उम्मीद बढ़ना स्वभाविक हैं। पैश हैं खास रिपोर्ट।
साउड बाईट सचिन पायलट-फाईल
टोंक विधानसभा सीट पर भारी मतों से जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट से टोंकवासियों को बड़ी उम्मीद हैं, हो भी क्यू ना, क्योंकि सचिन ने अपने प्रचार के दौरान रेल को लेकर सार्वजनिक मंच से लेकर प्रेसवार्ताओं में टोंक के लोगो के बरसों पुरानी रेल की मांग पूरी करने की बात बार-बार की हैं। शायद यही कारण रहा हैं कि टोंक के लोगो ने बढ-चढ़कर उन्हे वो दिया यही कारण रहा हैं टोंक से पहली बार किसी प्रत्याशी को एक लाख 9 हजार 40 मत मिले हैं जबकि सचिन के प्रतिद्वंदी रहे युनूस खान को महज 54 हजार 861 मतो से संतोष करना पड़ा और पायलट एक बड़ी जीत कर यहां से निर्वाचित हुए हैं। आमजनता की तरह ही यहां रेल संघर्ष से जुडी समितियों से जुडे नेता भी मानते हैं सचिन टोंक को रेल लाइन का सौगात दिलवाने का माद्दा रखते है और उन्होने अपने जनसंपर्क के दौरान भी रेल का मुद्दा उठाने के अलावा कांग्रेस के घोषणा पत्र में भी इसे जगह दी। सोने पर सुहागा वाली बात यही भी कि सचिन ना सिर्फ टोंक विधायक या कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की हैसियत से बल्कि सूबे के उप मुख्यमंत्री के तौर पर वासियों की उम्मीदें बढ़ा रहे हैं।
यूं तो टोंक को रेल से जोडे जाने की आजादी से पूर्व से ही उठती रही हैं लेकिन 2008 में पहली रेल लाइन को लेकर टोंकवासी ज्यादा गंभीर नजर आए जहां पर इसी मांग को लेकर टोंक विकास मंच रेल संघर्ष समिति का निर्माण कर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने इसको जिम्मा उठाया हैं लेकिन 2009 में टोंक-सवाईमाधोपुर से सांसद बने नमोनारायण मीणा ने अपना पूरा कार्यकाल इसी राज्य सरकार से आधा बजट स्वीकृत करवाने में ही गुजार दिया लेकिन सरकार जाने से पूर्वं उन्होने केंद्र सरकार अपनी मांग के अनुरूप बजट की हावी भरवा ली। कांग्रेस की सरकार जाने के बाद हालांकि बीजेपी सरकार ने अपने दूसरे रेल बजट में अजमेर-नसीराबाद-टोंक-सवाई माधोपुर नई लाइन के लिए 873 करोड़ रूपये स्वीकृत कर दिए लेकिन आज तक उसपर कोई काम नही हो पाया हैं हालांकि रेलवे के अधिकारियों से लेकर आमजनता ने रेल लाइन के लिए भाजपा निवर्तमान सरकार से बार-बार मांग की लेकिन निवर्तमान मुख्यमंत्री वसंुधरा राजे ने इसमें दिलचस्पी नही दिखाई और विधानसभा चुनाव से पूर्व टोंक में हुई सभा उन्होने साफ तोर यह कहकर टोंकवासियों में सालों पुरानी मांग नकार दी है कि यह केंद्र का मामला हैं। ऐसे में यह मामला अधूरा रह गया, हालांकि इस बार विधानसभा चुनाव में राज्य पूर्व केबिनेट मंत्री युनूस खान को भारी मतों से हराकर सचिन पायलट टोंक वासियों को उम्मीद को बढ़ा दिया हैं इसलिए हर कोई कह रहा हैं टोंक को रेल लाइन से सचिन ही जुडवा सकते हैं। इसलिए लोगो को सचिन से खासा उम्मीद हैं।
यहां हम आपको बता दे रेल लाइन से जुडा नही होने कारण है टोंक विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ हैं यहां से चुनाव लडने वाले सांसद हर बार रेल के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ते है और बाद में इसे भुलकर टोंकवासियों की भावनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन लोकतंत्र में आखिरकार जनता की ऊपर उठाती है और जनता ही नीचे गिरा देती हैं, यही कारण हैं टोंक विधानसभा से निवर्तमान सरकार के केबिनेट मंत्री रेल युनूस खान को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में करारी हार झेलनी पड़ी हैं। बहरहाल नए विधायक सचिन पायलट से टोंकवासियों को अपनी बरसों पुरानी टोंक की मांग पूरी करवाने की उम्मीद हैं और लोग यह कहते नही थकते है कि आखिरकार सचिन ही दिलवाएंगे टोंक को रेल।
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