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छात्रों के उन्नयन एवं समाज के विकास के लिए शिक्षकों का सम्मान जरूरी- डॉ. नेगी

By on September 6, 2018 0 85 Views

शिक्षकों का ऐसा सम्मान हुआ पहली बार

टोंक। उपखण्ड क्षेत्र में नवाचार व उत्कृष्ठ कार्यकरने वालें सभी पंचायतों के माध्यमिक व प्रारम्भिक शिक्षा विभाग से जुड़े 75 से अधिक शिक्षकों का उपखण्ड अधिकारी डॉ.सूरजसिंह नेगी की पहल पर गुरुवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पीपलू के सभागार में तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच सम्मान हुआ। समारोह में पीपलू उपखंड अधिकारी डॉक्टर सूरज सिंह नेगी ने कहा कि छात्रों के उन्नयन समाज के विकास के लिए शिक्षकों का सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ईश्वर का दिया हुआ वह उपहार है, जो बिना किसी चाहत के माता पिता के बाद भावी पीढ़ी को विकसित करने का कार्य करता है। वह समाज एवं दुनियादारी के बारे में सच्चे मार्गदर्शक का दायित्व  निभाता है। ऐसे में हम सबका दायित्व है कि शिक्षक को सम्मान दें। इसी सोच को लेकर शिक्षक दिवस पर उपखंड प्रशासन ने जिन किन्ही शिक्षकों ने शैक्षणिक क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से नए आयाम स्थापित किए हैं उन्हें सम्मानित किया गया है। गुणवत्तापरक शिक्षा देना प्रत्येक शिक्षक का दायित्व है। माता पिता के बाद समाज एवं दुनियादारी के बारे में हमारी समझ व सोच विकसित करने में शिक्षक हमारे दोस्त मार्गदर्शक एवं पथ प्रदर्शक होते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक खुशीराम रावत ने सम्मानित शिक्षकों को गीता महाभारत के उदाहरण देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ते पीपलू क्षेत्र को ऊंचे पायदान पर पहुंचाने का आव्हान किया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नादान सिंह गुर्जर ने कहा कि शिक्षक कुंभकार की तरह होता हैं। वह बच्चों को नवाचारों के जरिए गढऩे व संस्कारों की नींव डालने का कार्य करें। ताकि इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। इस अवसर पर शिक्षाविद हनुमान प्रसाद बोहरा ने पौराणिक गुरुकुल परंपराओं का उदाहरण देते हुए शिक्षकों के सम्मान पर प्रकाश डाला। शिक्षाविद अमीर अहमद सुमन, शिक्षाविद डॉक्टर अजीजुल्ला शिरानी ने बदलते परिवेश में वैज्ञानिक, व्यवहारिक सामाजिक दृष्टिकोण रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करने का आव्हान किया। उभरती प्रतिभा अक्षत बोहरा ने गुरु महिमा पर आधारित रचना गुरुदेव कृपा करके मुझको अपना लेना की प्रस्तुति देते हुए कार्यक्रम में शमा बांधा। समारोह में हनुमान प्रसाद चौधरी ने प्रगति प्रतिवेदन पेश करते हुए बताया कि इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षकों के योगदान दिए जाने पर 75 शिक्षकों का सम्मान प्रशंसा पत्र,  श्रीफल तथा शैक्षणिक नवाचारों को लेकर अजीम प्रेमजी  फाउंडेशन  द्वारा  प्रकाशित गीजू भाई की कालजयी रचना दिवास्वप्न की पुस्तक भेंट करके किया गया है।

समारोह में जंवाली राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानाचार्य उमा हाड़ा ने पारिवारिक आर्थिक परिस्थितियों के चलते कई बच्चों का मन पढऩे में नहीं लगता है। ऐसे में शिक्षकों को अभावग्रस्त बच्चों की मानसिकता को टटोलने के बारे में बताया। राउमावि पीपलू प्रधानाचार्य ललिता बड़ीवाल ने आगंतुकों का आभार जताया तथा मंच संचालन गणपत वर्मा ने किया। शैक्षणिक क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से प्रयत्नरत स्वयंसेवी संस्था अजीम प्रेमजी फाउंडेशन निदेशक देवेंद्र जोशी ने भी विचार व्यक्त किए। उपखंड अधिकारी डॉक्टर सूरज सिंह नेगी ने अजीम प्रेमजी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की सराहना की।छात्राओं ने शिक्षकों अतिथियों के कुमकुम तिलक अक्षत लगाते तथा कलाई पर मौली बांधते हुए अभिनंदन किया। उपखंड अधिकारी डॉ. सूरज सिंह नेगी ने शिक्षकों को अपने शिष्यों से तालमेल स्थापित करने को लेकर पत्र लिखने तथा शिष्यों से शिक्षक को पत्र लिखवाने पर जोर दिया। इससे गुरु शिष्य के संबंध मधुर बन सकेंगे समारोह में पंचायत पदेन प्रारम्भिक शिक्षाधिकारी उमा हाडा, पन्नालाल वर्मा, हनुमान चौधरी, सुधा तंवर, सांवरमल शर्मा, प्रदीप वर्मा, ललिता बडीवाल, शिक्षक मुरलीधर यादव, सुमित्रा मीणा, मुकेश कुमार चौधरी, अब्दुल वाजिद, मोहनलाल गुर्जर, दिनकर विजयवर्गीय, ओमप्रकाश बुनकर, रजीउद््दीन खान, प्रहलाद शर्मा, श्रवण कुमार प्रजापत, माला फुलवारिया, सुरेश चौधरी, बाबूलाल गुर्जर, कैलाशचंद लक्षकार, उदालाल गुर्जर, सुरेश चंद गुप्ता, जगदीश प्रसाद यादव, उत्तमप्रकाश गौतम, गोविन्दनारायण शर्मा, रेखाकुमारी चौधरी, बालकिशन यादव, कजोडमल मीणा, अजयसिंह सोलंकी, शंकरलाल खटीक, भैरुलाल बैरवा, सीताराम वर्मा, रामस्वरूप रैगर, सीताराम नावरिया, भगवतीलाल बलाई, सीताराम मीणा, शिवराज मीणा, नंदलाल कुम्हार, शिवजीलाल जाट, बंटीसिंह सोलंकी, गोपाल लाल बैरवा, मनराज वर्मा, सुखदेव बैरवा, प्रधान गोलाडा, हरिनारायण वर्मा, हरिनारायण जाट, पांचूलाल बैरवा, पूरण मल बैरवा, कजोडमल मीणा, कृष्णा साहू, श्यामसुन्दर शर्मा, मो.इरशाद, मुकेश जाट, ओमप्रकाश खंगार, करूणालाल गुर्जर, नावेद अख्तर, कृष्णा जाट, सीताराम मीणा, रघुनन्दन शर्मा, नूर मोहम्मद, संजू बैरवा, शिमला वर्मा, बनवारीलाल यादव, अब्दुल अजीज, बंशी कुमार, प्रहलाद माली, लड््डलाल मीणा, नोमान अहमद आदि शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वहीं हरजीचंद बैरवा, जगदीशलाल वर्मा, देवालाल जाट, अब्दुल गफ्फार खान, सुखदेव लाल वर्मा, राधाकिशन जाट, हरजीराम गुर्जर, हरिराम जाट, रामलाल महावर, भैरूलाल चौधरी, शिवजीराम सेन आदि सेवानिवृत शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया है।
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