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पहले टेस्ट मे पहला दिन पृथ्वी के नाम…! 

By on October 5, 2018 0 72 Views

रिकॉर्ड शतक पर सचिन ने दी बधाई तो पृथ्वी शॉ ने कहा- सर मैनें वहीं किया जो आपसे सिखा।

सचिन ने कहा- 10 साल पहले जब पृथ्वी को देखा था, तभी पता था कि यह देश के लिए जरूर खेलेगा।

पहला टेस्ट शतक अपने पिता को समर्पित किया पृथ्वी ने

पृथ्वी ने कहा- मेरे पिता ने मेरे लिए बहुत त्याग किया, मैं उन्हीं के कारण आज यहां पहुंचा।

राजकोट. पृथ्वी शाॅ ने अपने डेब्यू टेस्ट में शतक लगाकर रिकाॅर्ड बुक में अपना नाम हमेशा के दर्ज कर दिया है। इस पर उन्हें देश भर बधाईयां मिल रही है। इस शतक पर महान सचिन तेंडुलकर ने भी पृथ्वी शॉ को ट्वीट कर बधाई दी। पृथ्वी के लिए यह बहुत ही खुशी का लम्हा था कि जिन्हें वे अपना आदर्श मानते हैं, उसी ने उनकी तारीफ की। पृथ्वी ने इसके लिए सचिन को धन्यवाद दिया और कहा कि सर मैं आपको कभी निराश नहीं करूंगा। पृथ्वी ने ग्राउंड से ही वीडियो पोस्ट किया। वहीं, सचिन ने इंटरव्यू में कहा कि वे जानते थे कि पृथ्वी एक दिन देश के लिए जरूर खेलेंगे।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट का पहला दिन 18 साल के पृथ्वी शॉ के नाम रहा। शॉ ने डेब्यू पारी में ही शतक लगाया और 154 गेंद पर 134 रन बनाए। वे डेब्यू पर शतक जमाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए। पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद पृथ्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी खुलासा किया कि पारी की शुरुआत के समय वे नर्वस थे, लेकिन 5-10 ओवर खेलने के बाद उनमें आत्मविश्वास आ गया और वे सेन्चुरी लगाने में सफल रहे।

सचिन सर, आपका बहुत शुक्रिया

पृथ्वी ने पहले सचिन का ट्वीट किया हुआ संदेश पढ़ा फिर कहा, ‘सचिन सर आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके इस ट्वीट के मेरे लिए बहुत मायने हैं। वे सभी टिप्स जो आपसे से मुझे बचपन में मिले, उनको मैंने अपनाया और उनका भरपुर फायदा उठाया।’
डेब्यू टेस्ट के दबाव को लेकर इस युवा बल्लेबाज ने कहा, ‘मेरा उसूल साफ है कि गेंद को उसकी मेरिट पर खेलो, फिर चाहे प्रथम श्रेणी क्रिकेट हो या टेस्ट। मैं जैसे हर मैच में खेलता आया हूं उसी तरह आज भी खेला। मैंने कुछ नया या अतिरिक्त करने की कोशिश नहीं की।’
पृथ्वी ने कहा, ‘इंग्लैंड में सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अनुभव मेरे काम आया। इंग्लैंड में सभी सीनियर खिलाड़ियों, कप्तान विराट कोहली और कोच रवि सर ने बराबर मेरा हौसला बढ़ाया। मुझे सहज किया। अब तो मुझे लगता है कि सभी मेरे दोस्त की तरह हैं।’ पृथ्वी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को एक अलग अनुभव बताया। उन्होंने कहा, ‘अंडर-19, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में काफी फर्क है। घरेलू क्रिकेट में आप अपने ही साथी खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजों में स्पीड होती है। उनके पास अनुभव होता है। उन्हें खेलना आसान नहीं होता।’ ओपनिंग करने के बारे में पूछे जाने पर पृथ्वी बोले, ‘यह फैसला कप्तान और कोच को करना था कि मुझे कहां खेलना है। वैसे जहां भी कहा जाता, मैं खेलने के लिए तैयार था। मुझे ओपनिंग में जगह दी गई। मैंने इसका पूरा फायदा उठाया। मेरे दिमाग में एक बात थी कि स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाए रखना है। मैंने वही किया भी।’
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