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रणथम्बोर में क्या टाइगरों पर मंडरा रहा है खतरा…?

By on October 23, 2018 0 87 Views

कुछ टाइगरों के गायब होने की सूचना….?

बाघ परियोजना अधिकारी है खामोश।

:- राजस्थान के रणथम्बोर का नाम आते है जंगल मे बाघों की अठखेलियों के दृश्य आंखों के सामने आते है और यही कारण है कि राजस्थान आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सवाई माधोपुर का रणथम्बोर टाइगर सफारी पार्क पहली पसंद है और जो भी पर्यटक टाइगरों की अठखेलियों को देखता है उसके मुंह से सहज ही निकलता है “रणथम्बोर इज वन्डरफुल” पर आज एक बार इस पार्क में टाइगरों पर क्या कोई खतरा मंडरा रहा है क्या सेंचुरी में सब कुछ ठीक नही है..अधिकारियों की चुप्पी ओर कुछ टाइगरों के गायब होने की सूचना से अंदर की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े होने लगे है।

टाइगर

सवाई माधोपुर के रणथम्बोर से एक बार फिर गायब है कुछ नए टाइगर…?

देश-विदेश में सवाई माधोपुर ओर रणथम्भौर की पहचान खुले जंगल मे बाघों की साइटिंग ओर बाघों की टाइगर सफारी पार्क में अठखेलियों को लेकर हैै पर पिछले कुछ समय से विश्‍व प्रसिद्ध सवाई माधोपुर के रणथम्भौर नेशनल पार्क में बाघों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे है कारण है कुछ क्षेत्रों में कुछ नए बाघों की साइटिंग नही होना ऐसे में लगता है एक बार फिर से कुछ समय से ग्रहण सा लग गया है ।

सवाई माधोपुर

RANTHAMBORE SE GAYAB HOTE TIGER…?

रणथम्भौर भ्रमण पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को वन विभाग की बुकिंग विण्डों पर भले ही टिकिटों को लेकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है तो वही दूसरी ओर रणथम्भौर के जंगल से कुछ बाघों के लापता होने की सूचनाओं से बाघ परियोजना के अधिकारियों में खलबली सी मच गई है पर अधिकारी सारे मामले में लीपा पोती करते नजर आ रहे है जब कि बाघों के लापता होने की सूचनाओं का सिलसिला थमनें का नाम नही ले रहा , कुछ बाघ जंगल से लापता है न कोई सूचना है उनकी ओर न ही कही साइटिंग है,इन नए बाघों का कही सुराग नही मिल पा रहा है ।हालात ये है की वन विभाग लापता बाघों की गिनती बतानें से भी परहेज कर रहा है और विभागीय अधिकारी दबी जुबान एक दो बाघों के लापता होने की बात स्वीकार कर रहे है । और अन्य बाघों के रणथम्भौर में होने की बात कह रहे है जबकी अन्य दो बाघों का भी कही कोई अता पता नही है । वन विभाग के सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रणथम्भौर में विचरण करनें वाली टाईगर टी 83 लाईटनिंग के दो शावक मई माह से लापता है । जिनका आज तक कोई सुराग नही लगा । वहीं टाईगर टी 61 के भी दो शावकों के लापता होने की खबर है । जिन्हे वन विभाग द्वारा गुपचुप तरिके से ढुंढने का प्रयास किया जा रहा है । टाईगर टी 61 के लापता दो बाघों में से एक के बुंन्दी के रामगढ विषधारी अभ्यारण में होने की जानकारी मिल रही है । मगर वन विभाग के अधिकारी टाईगर टी 61 के दो बाघों के लापता होने की बात स्वीकार नही कर रहे है उनका कहना है की टाईगर टी 61 के दोनों बाघा रथम्भौर में ही है । जबकी पिछले कई समय से दोनों बाघ कहीं दिखाई नही दिये । वहीं वन विभाग के अधिकारीयों की माने तो रणथम्भौर की लाईटिग नामक टाईगर टी 83 के दो शावक मई से लापता है । जिनकी तलाश के लिये विशेष टिम बनाई गई है जो लगातार लापता बाघों की तलाश में जुटी हुई है मगर अभी तक उनका कही कोई अतापता नही है । बाघों के गायब होने की बात वन विभाग के अधिकारी खुलकर नही कर रहे है । सुत्रों की मानें तो रणथम्भौर से करीब 4 बाघ गायब है । जिनकी वन विभाग द्वारा गुपचुप तरिके से तलाश की जा रही है । रणथम्भौर से बाघों के गायब होना कोई नही बात नही है पहले भी इसी तरह कई बाघ रणथम्भौर के जंगलों से लापता हो चुके है जिनपर बाद में वन विभाग द्वारा पर्दा डाल दिया गया । रणथम्भौर वन प्रशासन का बाघों के संरक्षण पर कम बल्कि पर्यटन पर अधिक ध्यान है । और यही कारण है की रणथम्भौर से एक के बाद एक टाईगर गायब हो रहा है । अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दुर नही जब रणथम्भौर भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों को बाघों का दिदार होना भी संभव नही हो पायेगा ।

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