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नाहरगढ़़ से निराश लौट रहे पर्यटक

By on October 18, 2018 0 60 Views

सफारी में पर्यटकों को नहीं दिख रहे शेर, वन विभाग बेखबर

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के पास शुरू ‘लॉयन सफारी’ से लॉयन ओझल हैं। पिछले कुछ दिन से ऐसा हो रहा है कि पर्यटक सफारी के लिए जा रहे हैं, लेकिन सफारी वाले रास्तों पर शेर नहीं दिखने से पर्यटकों को हताश होकर लोटना पड़ रहा है। ऐसे में दर्शकों को मनोरंजित करने की यह योजना फैल होती नजर आ रही है। यह सुचना विभाग के लिए चिंता का विषय बन चुकि है कि कैसे दर्शकों कि निराशा को दूर किया जाये। याद रहे कि सफारी के लिए 36 हेक्टेयर की बाड़ाबंदी की गई थी लेकिन जंगल के पहाड़ी एरिया में भीतर तक पहुंचने के लिए पर्याप्त ट्रैक नहीं बनाए गए। ऐसे में तीनों शेर पहाड़ी एरिया में जाकर दुबक जाते हैं और सफारी के लिए जाने वाली गाडियां बगैर साइटिंग कराए लौट आती है। कई पर्यटकों ने इसको लेकर शिकायतें भी की हैं। पर्यटकों की शिकायतों पर वनकर्मियों ने भी दिन में शेरों को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन तीनों शेर वनकर्मियों की नजर में भी नहीं आए ओर वनकर्मियो को भी खाली हाथ लौटना पड़ा। तीनों शेर केवल देर शाम को रिटायरिंग चैंबर में खाने के लिए पहुंचते हैं। इन हालात को देखते हुए अब वन विभाग ने एक किलोमीटर के नए ट्रैक बनाने का विचार किया है, जो जंगल के उन रास्तों तक जाएगा, जहां कुछ दिन से लॉयन का ठिकाना बना हुआ है। ट्रेक बनने में काफी वक्त लगेगा इसलिए जब तक ट्रैक पूरी तरह बन नहीं पाता तब तक सफारी को बंद रखा जाएगा। एसीएफ जगदीश गुप्ता ने कहा कि ट्रैक बनने में काफी शोर हो सकता है इसलिए लाॅयन परेशान न हो इसलिए सफारी बंद रखी जाऐगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही ट्रैक का काम शुरू किया जाऐगा तथा ट्रैक बनाने के लिए कम से कम दो दिन का समय लगेगा।

एक ओर वन विभाग जंगल में वायु और शोर प्रदूषण से निजात के लिए झालाना में इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्रमोट कर रहा है, तो दूसरी ओर लॉयन सफारी के लिए वही कैंटर मंगवाए गए हैं। सामने आ रहा है कि जू में जन्मे और बड़े हुए सब एडल्ट लॉयन इनके शोर के आदि नहीं है। ऐसे में वो शोर करने वाली इस गाड़ी के लिए सहज नहीं हो पा रहे। वन विभाग ये भी अनुमान लगा रहा है कि संभवतया गाड़ी को देख कर भी लॉयन कुछ घबरा रहे हैं क्योंकि शेरों को ज्यादा शौर पसंद नहीं होता। 3 अक्टूबर से शुरू हुई लॉयन सफारी में औसतन 60-70 पर्यटक आ रहे हैं। इनको घुमाने के लिए बड़े एनक्लोजर में 8 अंक-नुमा ट्रैक बनाया हुआ है। जो कि करीब साढ़े 3 किलोमीटर के आसपास है। जबकि 36 हेक्टेयर सफारी एरिया काफी बड़ा है। वहीं अब आगामी स्कूल-कालेजो की छुटिट्यों में पर्यटकों की तादात बढ़ने की सभावना है साथ ही वन विभाग के सामने यह भी चुनौती रहेगी की पर्यटकों को मनोरंजित करने वाली सफारी को कैसे आकर्षित बनाई जाए।

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