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भीलवाड़ा में दिल दहला देने वाली घटना।

By on September 9, 2018 0 191 Views

मासूम के शरीर को गर्म सलाखों से दागा

भीलवाड़ा के अस्पताल में इलाज जारी।

राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रो में आज भी अन्धविश्वशो का कितना बोलबाला है इसका प्रमाण है भीलवाड़ा के अस्पताल में भर्ती एक मासूम जिसको इलाज के नाम पर तांत्रिक ने गर्म सलाखों से दाग दिया और तबियत बिगड़ने पर परिजनों को होश आया तो उसे इलाज के लिए अब अस्पताल में भर्ती कराया है,पुलिस अब तांत्रिक की तलाश में जुटी है।

अंधविश्वास की भेंट चढ़ा मासूम बालक फिर लगाया मासूम को डाम।

भीलवाडा में अंधविश्वास के नाम पर एक बार फिर मासूम को डाम लगा दिया गया हालत बिगड़ने पर उसे शनिवार देर रात जिले के अ श्रेणी महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया । जहा बालक का उपचार जारी है ।

जिले में निमोनिया की शिकायत पर दर्द के नाम पर  चितौडगढ जिले के हीराखेडी निवासी गिरिराज कै साढे तीन माह के मासूम बालक बालकिशन को जुकाम हो गया । जुकाम और निमोनिया की शिकायत पर गांव में  चिकित्सक को नहीं दिखाने के बजाय रिश्तेदार ने उसे गर्म सलाखों से बालक के पेट में डाम लगा दिया ।  जिसके बाद बाल किशन की हालत और बिगड़ गई उसे भीलवाडा लाया गया जहां उनका महात्मा गांधी चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है ।

नहीं थम रहा मासूमों पर गर्म सलाखों से दागने का सिलसिला- अंधविश्वास व अज्ञानता के चलते ग्रामीण क्षेत्र में छोटे छोटे मासूम बच्चे बच्चियों को बुखार और निमोनिया की जब भी शिकायत होती है तो अंधविश्वास और अज्ञानता के चलते वह पास ही किसी भोपे यानी झाड फुक वालो के पास लेकर जाते हैं और उन मासूम को गर्म सलाखों से दाग दिया जाता है । जिससे बच्चा कभी ठीक नहीं होता  और अधिक बीमार हो जाता है ज्यादा बच्चे की तबीयत खराब होने पर परिवार के लोग उनको चिकित्सकीय इलाज लेते हैं ।

बैठक होती है लेकिन धरातल पर नही हुआ क्रियान्वयन – मासूम को गर्म सलाखो से दागने को लेकर जिला स्तरीय बैठक कई बार  आयोजित हुई जिसमें जिले की प्रभारी मंत्री व महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अनिता भदेल तत्कालीन जिला कलेक्टर महावीर प्रसाद शर्मा की मौजूदगी में जिले में बैठक भी आयोजित हुई । जिसमे ग्रामीण क्षेत्र में डाम को लेकर जागरूकता के लिए योजना बनाई गई । लेकिन अभी तक धरातल पर योजना साकार नहीं होने के कारण लगातार मासूम  को गर्म सलाखो से दागने का सिलसिला नहीं थम रहा है जिससे कहीं मासूम तो अपने जिंदगी गवा चुके हैं।

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