January 19, 2019
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एक्शन मोड में दिखे यूडिएच मंत्रि धारीवाल।

By on January 4, 2019 0 34 Views

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के कामकाज की समीक्षा की। मंत्री धारीवाल ने योजना की लेटलतीफी पर खासी नाराजगी जताई उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) या तो गलत बनाई जाती है या संबंधित विभागों से डीपीआर बनाते समय राय नहीं ली जाती है या इन विभागों से आपकी एजेंसी का समन्वय नहीं है। मंत्री शांति धारीवाल ने बैठक में कहा, जहां-जहां काम चल रहे हैं, उसकी जानकारी मुझे उपलब्ध कराई जाए। वे खुद योजनाओं का मौका मुआयना करेंगे। बैठक के बाद मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें आश्रवस्त किया है परियोजना के तीसरे चरण का काम एक कार्ययोजना बनाकर जल्द पूरा किया जाएगा।

योजना से सम्बन्धित अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करें एवं संवेदकों को बिल प्रस्तुत करने के 7 दिवस में भुगतान करें। बैठक के प्रारम्भ में नगरीय आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने बैठक में अधिकारियों से पूछा कि राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजनाओं मे देरी क्यों होती है। जबकि इसकी सभी योजनाएं सीवरेज, पेयजल आदि आमजन से सीधी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि या तो जब डीपीआर बनाई जाती है तो उसमें कुछ कमियां रह जाती है। जिसके फलस्वरूप अन्य विभाग उससे सहमत नहीं होते है या अधिकारियों का सहयोगी विभागों में ठीक तरीके से समन्वय नहीं है। योजनाएं पूर्ण होने पर संवदेकों को समय पर भुगतान नहीं होता है। उन्होंने निर्देश दिये कि विभाग के पास जब कुशल इंजिनियर है तो स्वयं योजनाओं की डीपीआर तैयार करें। यदि कंसलटेंट द्वारा प्रस्तुत डीपीआर में कोई कमी हो तो उसके विरूद्ध पैनल्टी लगायी जाय। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अब तक विभिन्न्ा चरणों मे कितने सीवरेज कनेक्शन हो चुके है, इसकी जानकारी देवे।

बैठक में अतिरिक्त परियोजना निदेशक गिरिराज सिंह हाड़ा ने राजस्थान नगरीय अधारभूत विकास परियोजना के माध्यम से प्रदेश में किये जा रहे कार्यो की जानकारी देते हुये बताया कि परियोजना का मूल उ६ेश्य राज्य के शहरी क्षेत्रों का समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास करना है। योजना के प्रथम चरण में राज्य के छः शहरों अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, कोटा एवं उदयपुर में प्रमुखतया पेयजल, सीवर व्यवस्था, सड़क, फ्लाई ओवर तथा रेलवे क्रोसिंग पर पुलों का निर्माण, सुनियोजित ड्रेनेज व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबन्धन के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं।

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