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विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेला…!

By on October 14, 2018 0 95 Views

अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर मेले में चिकित्सा जांच के बाद ही जानवरों की एंट्री।

नेगेटिव जाँच आई तो घोडो को मेला क्षेत्र में जाने की नहीं होगी अनुमति

अजमेर से कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित पुष्कर हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यहां पर कार्तिक पूर्णिमा को मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक भी आते हैं। हजारों हिन्दु लोग इस मेले में आते हैं। व अपने को पवित्र करने के लिए पुष्कर झील में स्नान करते हैं। भक्तगण एवं पर्यटक मंदिरों के दर्शन कर आत्मिक लाभ प्राप्त करते हैं। राज्य प्रशासन भी इस मेले को विशेष महत्व देता है। स्थानीय प्रशासन इस मेले की व्यवस्था करता है एवं कला संस्कृति तथा पर्यटन विभाग इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयाजन करते हैं। इस समय यहां पर पशु मेला भी आयोजित किया जाता है, जिसमें पशुओं से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम भी किए जाते हैं, जिसमें श्रेष्ठ नस्ल के पशुओं को पुरस्कृत किया जाता है। इस मेले का मुख्य आकर्षण का केन्द्र पशु मेला है। भारत में किसी पौराणिक स्थल पर आम तौर पर जिस संख्या में पर्यटक आते हैं, पुष्कर में आने वाले पर्यटकों की संख्या उससे कहीं ज्यादा है। इस मेले में बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी पहुंचते हैं। जिन्हें पुष्कर खास तौर पर पसंद है। हर साल कार्तिक महीने में लगने वाले पुष्कर ऊंट मेले ने तो इस जगह को दुनिया भर में अलग ही पहचान दे दी है। मेले के समय पुष्कर में कई संस्कृतियों का मिलन सा देखने को मिलता है। एक तरफ तो मेला देखने के लिए विदेशी सैलानी बडी संख्या में पहुंचते हैं, तो दूसरी तरफ राजस्थान व आसपास के तमाम इलाकों से आदिवासी और ग्रामीण लोग अपने-अपने पशुओं के साथ मेले में शरीक होने आते हैं। मेला रेत के विशाल मैदान में लगाया जाता है। ढेर सारी कतार की कतार दुकानें, खाने-पीने के स्टाल, सर्कस, झूले और न जाने क्या-क्या। ऊंट मेला और रेगिस्तान की नजदीकी है इसलिए ऊंट तो हर तरफ देखने को मिलते ही हैं। लेकिन वर्तमान में इसका स्वरूप विशाल पशु मेले का हो गया है।

पशुपालन विभाग ने दिये जांच के आदेश।
पशुपालन विभाग ने घोड़ों में फैलने वाली बीमारियों को नजदीकी से लेते हुए ये आदेश जारी कर दिये है कि इस बार बीना चिकिस्सक जांच के घोड़ों को मेले स्थल में प्रवेश नहीं मिलेगा। पोजीटीव जांच के बाद ही घोड़ो को मेले क्षेत्र में प्रवेश दिया जायेगा अगर घोड़ों में जांच नेगेटिव पाई जाती है तो मैले में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस बारे में पशुपालन विभाग ने कहा है कि 15 से 25 अक्टूम्बर को प्रदेश के सभी राजकीय पशु चिकित्सालयो में घोड़ो की जांच के लिए सीरम सैंपल का संग्रहण होगा। जांच के दस दिनों के बाद पशु पालक संबंधित चिकित्साल्य से रिपोर्ट ले सकता है।

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